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Friday, June 29, 2012

उड़ान

पता नहीं ये तार कहाँ जुडे हैं, आज उम्मीद के 
पंख ले आज़ादी के आकाश में हम उडे हैं

ना जाने हमें कहाँ है जाना 
ना जाने कहाँ है अपना ठिकाना

अब तो बस सूरज का पीछा करते करते
ये मद्धम उड़ान हम ले चुके हैं

शायद और ऊँचा होगा जाना, उन बादलों
के पार एक रास्ता जो है बनाना

कुछ नए परिंदों से है यारी करनी
कुछ नए सपनों की रचना जो है रचनी

कई दरियाओं को है पार करना, शायद
मंज़िल से ज्यादा इस सफ़र को है प्यार करना

हर छोटे बडे मोती को अपनाना होगा
वक़्त को थोडा वक़्त दे इस माला को बनाना होगा

आशाएं साथ रहेंगी और समय परीक्षा लेगा
ऐसे में सबर और हौसला ही साथ देगा

ये सफ़र मेरा है और ये उड़ान भी
आशाएं भी तो मेरी हैं और ये सवेरा भी

Image Courtesy : Harry Richards
(
http://fineartamerica.com/featured/flight-of-hope-harry-richards.html )

Friday, April 27, 2012

1CupChai

तेरी चुस्की में ही तो मेरा जीवन है
तेरी सादगी जैसा ही तो मेरा मन है
तुझपे तो मैं सब कुछ वार दूं 
एक बार नहीं हर बार तुझको मैं प्यार दूं 

तेरी चुस्की में ही तो मेरा जीवन है
सुबह की तू पहली सुन्हेरी किरण है
जब भी आती एक मुस्कान दे जाती
जीवन को जीने की एक और वजह समझती

तेरी चुस्की में ही तो मेरा जीवन है
सुबह शाम बस तेरा ही स्मरण है
हर बार तू इतनी ताज़गी दे जाती, कभी वो
मीठी रात तो कभी वो गीली शाम याद दिला जाती

तेरी चुस्की में ही तो मेरा जीवन है
तुझको पाना ही मेरा पहला कर्म है
तेरा हर प्याला मुझको अलग लगता है
मानो हर बार मुझको नए आशा देता है

तेरी चुस्की में ही तो मेरा जीवन है
मेरी तरह बोहोतों की तू हम-दम है
तेरे प्यालों ने कहानियां भी बोहोत सुनी हैं
कुछ मेरी कुछ उसकी रवानियाँ भी सुनी हैं

तेरी चुस्की में ही तो मेरा जीवन है
आम को ख़ास बनाना ये तो तेरा फ़न है
तेरा हर प्याला एक नयी सीख देता है
खुद ख़तम होके दूसरों को ख़ुशी देता है

तेरी चुस्की में ही तो मेरा जीवन है
इस ठहरे सफ़र की एक ही तो तू हमसफ़र है
मंजिल मिले न मिले तेरे साथ थोडा जी लेंगे
एक चुस्की तेरी दम भर पी लेंगे

1CupChai :-)




Sunday, April 22, 2012

एक चुटकी सपने

तेरी आँखें हर पल कुछ कहती हैं
कुछ उम्मीदें हैं जो इनमें रहती हैं

एक तस्वीर जो कभी अधूरी कभी पूरी दिखती है
एक नमी जो हमेशा इन्हें ढक के रखती है

अनेक परिभाषाओं से है नाता इनका
आशाओं का मेला हमेशा मन बहलाता इनका

बोहोत कुछ देखती और समझती है यें
आज और कल का ताना बाना भी बुनती है यें

कभी राज़ तो कभी खुली किताब सी लगती हैं
इनकी हर एक झलक केवल विस्मित करती है

शायद कुछ कहानियां हैं जो ये लिखती हैं
जिनका अर्थ केवल यही समझती हैं 

इनका, पलकें भी पूरा साथ देती हैं
हर निराशा को उस सागर में डुबा देती हैं

एक चमक जो तारों सी प्रतीत होती है
एक चुटकी सपने जो तेरी आँखें देखती हैं

~Hope~